मौर्य साम्राज्य और राजस्थान

 मौर्य साम्राज्य और राजस्थान

1. चन्द्रगुप्त मौर्य (321 ई.पू. – 297 ई.पू.)

  • मौर्य साम्राज्य की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की।

  • उनके शासन में राजस्थान का अधिकांश भाग मगध साम्राज्य में सम्मिलित था।

2. बिन्दुसार (297 ई.पू. – 273 ई.पू.)

  • बिन्दुसार ने चन्द्रगुप्त की विरासत को आगे बढ़ाया।

  • राजस्थान के कई क्षेत्र (विशेषकर अरावली पर्वत श्रृंखला के आसपास) मौर्य साम्राज्य के अधीन थे।

3. सम्राट अशोक (273 ई.पू. – 232 ई.पू.)

  • अशोक के समय राजस्थान का महत्व और बढ़ गया।

  • राजस्थान के भीलवाड़ा (बैराṭ) में अशोक के शिलालेख (लघु शिलालेख) पाए गए हैं।

  • बसी (चित्तौड़गढ़) और सोपारा, गिरनार जैसे स्थानों के शिलालेखों से राजस्थान के संबंध का उल्लेख मिलता है।

  • अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रसार राजस्थान क्षेत्र में भी कराया।

4. प्रशासनिक दृष्टि से

  • मौर्य काल में राजस्थान क्षेत्र को विभिन्न जनपदोंप्रांतों में विभाजित किया गया।

  • यहाँ मौर्य शासन की छाप सिंचाई व्यवस्था, व्यापार मार्ग, नगर बसावट और बौद्ध धर्म के प्रसार में देखी जा सकती है।


✨ सारांश

👉 मौर्य काल में राजस्थान, मगध साम्राज्य का अभिन्न हिस्सा था।

  • चन्द्रगुप्त ने इसे अपने साम्राज्य में शामिल किया।

  • अशोक के समय यहाँ बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ और शिलालेख इसके प्रमाण हैं।

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